Program of Prevention

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स्ट्रोक की प्राथमिक पहचान

स्ट्रोक में समय अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मी एवं परिवारों को FAST के बारे में प्रशिक्षित करना
F Face: चेहरे का एक तरफ झुकना
A Arm: एक हाथ/पैर में अचानक कमजोरी
S Speech: बोलने में अचानक परेशानी
T Time: तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।
अचानक से दृष्टि में कमी, चलने में परेशानी, संतुलन बिगड़ना, तेज असामान्य सिरदर्द हो तो इसे आपात स्थिति मानकर तत्काल अस्पताल भेजने की व्यवस्था करना।
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रेफरल व्यवस्था

संस्थान प्रत्येक क्षेत्र के लिए एक Referral Network तैयार करेगा:
ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मी/चिकित्सक सहायक
नजदीकी उप-स्वास्थ्य केंद्र/Health & Wellness Centre (अरोग्य केन्द्र)
Primary Health Centre (PHC)
Community Health Centre (CHC)
जिला अस्पताल/उच्च चिकित्सा केंद्र
रोग की गंभीरता के अनुसार सीधे उच्च केंद्र पर रेफर किया जायेगा।
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Referral Slip

प्रत्येक संदिग्ध रोगी को संस्थान की ओर से Referral Form दिया जायेगा।
इसमें:
  1. रोगी का नाम
  2. आयु/लिंग
  3. गांव
  4. मोबाइल नंबर
  5. स्क्रीनिंग की तारीख
  6. BP
  7. रक्त ग्लूकोज
  8. वजन/BMI
  9. कैंसर संबंधी संदिग्ध लक्षण
  10. स्ट्रोक के लक्षण
  11. किए गए परीक्षण
  12. रेफरल का कारण
  13. भेजे गए स्वास्थ्य केंद्र का नाम
  14. ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मी का नाम/ID
शामिल करना ।
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रोगी का Follow-up

रेफरल के बाद कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण गतिविधियों में से एक Follow-up Tracking होगी।
  1. Follow-up Register
  2. विवरण  जानकारी
  3. रोगी का नाम
  4. रोग
  5. स्क्रीनिंग तारीख
  6. रेफर किया गया केंद्र
  7. डॉक्टर से परामर्श हुआ   हां/नहीं
  8. जांच हुई
  9. उपचार शुरू
  10. अगली जांच
  11. Follow-up तारीख
  12. वर्तमान स्थिति
इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि रेफर किया गया व्यक्ति वास्तव में स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचा या नहीं।
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जीवनशैली एवं रोकथाम अभियान

ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मी द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में आम-जन को नियमित स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करके प्रमुख संदेश देना जैसे-
  1. तंबाकू छोड़ें
  2. नियमित शारीरिक गतिविधि करें
  3. नमक एवं अस्वास्थ्यकर भोजन कम करें
  4. फल एवं सब्जियों का सेवन बढ़ाएं
  5. वजन नियंत्रित रखें
  6. नियमित BP एवं रक्त शर्करा जांच कराएं
  7. शराब से बचें/सेवन न करें
  8. कैंसर के चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज न करें।
  9. योग, ध्यान, व्यायाम करें।
  10. स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आंम-जन को दिलाने में सहयोग करना एंव जागरुकता फैलाना।
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मासिक ग्रामीण स्वास्थ्य शिविर

प्रत्येक ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मी अपने क्षेत्र में संस्थान के निर्देशन में मासिक NCD Health Camp आयोजित करेंगे।
ग्रामीण स्वास्थ्य शिविर में स्वास्थ्य कर्मी द्वारा किये जाने वाले प्रमुख कार्य-
  1. BP Screening
  2. Diabetes Risk Screening
  3. Blood Glucose Screening, उपलब्ध सुविध/प्रोटोकॉल के अनुसार
  4. BMI/Obesity Assessment
  5. Tobacco-use Assessment
  6. Oral cancer symptom screening (Awareness)
  7. Stroke awareness
  8. Health counselling
  9. Referral
  10. Follow-up registration
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डिजिटल/टेलीमेडिसिन सुविधा

ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मी/चिकित्सक सहायक
Patient Screening Digital Record Teleconsultation Doctor's Advice Referral Follow-
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प्रशिक्षण कार्यक्रम

संस्थान द्वारा ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मी/चिकित्सक सहायक के लिए प्रशिक्षण में निम्न विषय रखे जायेंगे:
Module 1
NCD (Non Communicable Disease) की मूल जानकारी
Module 2
मधुमेह की पहचान एवं रोकथाम
Module 3
BP मापने की सही तकनीक एवं hypertension risk screening
Module 4
कैंसर के warning signs एवं प्राथमिक screening
Module 5
Stroke – FAST एवं emergency referral
Module 6
BMI, obesity एवं lifestyle counselling
Module 7
तंबाकू नियंत्रण एवं counselling
Module 8
Referral system
Module 9
Telemedicine/Teleconsultation की भूमिका
Module 10
Patient record एवं follow-up
Module 11
Infection prevention and control
Module 12
Emergency recognition एवं first aid
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संस्थान की भूमिका

संस्थान द्वारा संचालित Program for Prevention and Control of Diseases Rural Areas in India के अन्तर्गत “ Rural NCD Screening, Referral & Follow-up by Trained Rural Health Worker” कार्यक्रम के द्वारा संस्थान निम्न सहयोग करेगा।
  1. ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण कराएगा।
  2. प्रशिक्षण सामग्री एवं SOP उपलब्ध कराएगा।
  3. Screening एवं referral forms उपलब्ध कराएगा।
  4. ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाएगा।
  5. सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की referral directory तैयार करेगा।
  6. स्क्रीनिंग एवं referral का रिकॉर्ड रखेगा।
  7. Follow-up व्यवस्था विकसित करेगा।
  8. समय-समय पर supervisory visits करेगा।
  9. स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेगा।
  10. कार्यक्रम की प्रगति की रिपोर्ट तैयार करेगा।
  11. उ0प्र0 सरकार/भारत सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रम का लाभ आम-जन तक पहुँचानें में सहयोग करना।
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कार्यक्रम का मुख्य मॉडल

घर-घर जागरूकता
जोखिम की पहचान
प्राथमिक स्क्रीनिंग
संदिग्ध रोगी की पहचान
Referral
अरोग्य उपकेन्द्र
PHC/CHC/District Hospital
चिकित्सकीय जांच एवं उपचार
संस्थान द्वारा Follow-up Support
नियमित निगरानी एवं जीवनशैली में सुधार (संतुलित आहार, योगा, व्यायाम द्वारा आम-जन की जीवनशैली में बदलाव )
संस्थान द्वारा सचांलित Program for Prevention and Control of Diseases Rural Areas in India के अन्तर्गत “ Rural NCD Screening, Referral & Follow-up by Trained Rural Health Worker” कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का विकल्प बनना नही है, बल्कि चिकित्सा स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण विभाग उ0प्र0 द्वारा संचालित National Programme for Non Communicable Disease (NPNCD) में निःशुल्क सहयोग कर  ग्रामीण क्षेत्र में निवास कर रहे आम लोगों को संस्थान के स्वास्थ्य कर्मी के सहयोग से लाभ दिलाना एंव ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा को बेहतर कर राष्ट्रीय स्वास्थ्य समस्या को कम करना है।
“आईयें हम सब मिलकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य समस्या को कम कर विकसित राष्ट्र के निर्माण में सहभागी बने।“