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आप को अवगत कराना हैं की ग्रामीण मधुमेह एवं रक्तचाप नियंत्रण उप केंद्र के रजिस्ट्रेशन के संदर्भ में दैनिक समाचार पत्र हिंदुस्तान (प्रयागराज संस्करण प्रयागराज, प्रतापगढ़ कौशांबी,)में आज दिनांक 28/12/2025 के पेज नम्बर 2 पर सूचना प्रकाशित हैं कृपया पेपर ले कर पूरी सूचना विस्तार से पढ़ें और पेपर अपने पास रखे |
आज हमारे देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती नागरिकों की स्वास्थ्य सम्बन्धित समस्याएं प्रमुख रुप से संचारी रोग/गैर संचारी रोग है। जिसके लिए केन्द्र सरकार/ राज्य सरकार निरन्तर प्रयास कर रही है कि किस प्रकार वह नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करे, जिसके लिए केन्द्र सरकार/ राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रुप से मिलकर विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रम चलायें जा रहें है। जिसमें प्रमुख रुप से भारत सरकार द्वारा वर्ष 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (N.H.M) योजना प्रारम्भ की गयी जिसका प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण गरीबों, महिलाओं, बच्चों तथा समाज के कमजोर वर्गों के लिए सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करना है,

भारत सरकार द्वारा जारी गजट टेलीमेडिसिन प्रैक्टिस गाइड लाइन 2020, 2023 एवं नेशनल मेडिकल कमिशन (N . M. C ) द्वारा जारी पब्लिक नोटिस

संस्थान द्वारा संचालित प्रोग्राम
for Prevention and Control of Diseases Rural Areas in India के अन्तर्गत
“Rural NCD Screening, Referral & Follow-up by Trained Rural Health Worker”
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कार्यक्रम का उद्देश्य

ग्रामीण क्षेत्रों में निम्न प्रमुख गैर-संचारी रोगों की प्राथमिक स्तर पर शीघ्र पहचान, रोकथाम, स्वास्थ्य शिक्षा, रेफरल तथा फॉलो-अप की व्यवस्था विकसित करना एंव आम-जन में जागरुकता लाना

  1. मधुमेह (Diabetes)
  2. उच्च रक्तचाप (Hypertension)
  3. कैंसर, विशेषकर मौखिक, स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की प्राथमिक लक्षण , पहचान एंव जागरुकता
  4. स्ट्रोक (Stroke) के जोखिम कारकों एवं चेतावनी संकेतों की पहचान एंव जागरुकता
  5. कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का विकल्प बनना नहीं, बल्कि ग्रामीण आबादी को नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र तक समय पर पहुंचाने और उपचार से जोड़ने में सहयोग करना एंव टेली कंसल्टेशन को बढ़ावा देना है।
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लक्षित आबादी

कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मी अपने निर्धारित क्षेत्र में:
  1. 30 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के व्यक्तियों की NCD जोखिम स्क्रीनिंग में सहयोग करेंगे।
  2. उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की विशेष पहचान करेंगे।
  3. परिवारों को स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करेंगे।
  4. संदिग्ध रोगियों को उचित सरकारी स्वास्थ्य संस्था में रेफर करेंगे।
  5. रेफर किए गए रोगियों के फॉलो-अप में सहयोग करेंगे।
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ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मी/चिकित्सक सहायक की भूमिका

घर स्क्रीनिंग जोखिम पहचान स्वास्थ्य शिक्षा रेफरल उपचार से जुड़ाव Follow-up रिकॉर्ड/ रिपोर्टिंग
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प्रशिक्षित ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मी का कार्य-

  1. रक्तचाप नापना।
  2. वजन एवं लंबाई लेकर BMI की गणना में सहायता करना।
  3. उपलब्ध सुविधा/प्रोटोकॉल के अनुसार रक्त ग्लूकोज की स्क्रीनिंग करना।
  4. ग्रामीण लोगो को सुरक्षित प्राथंमिक उपचार उपलब्ध करानें में सहयोग।
  5. आपातकालीन स्थिति में प्रांरम्भिक life-saving सहायता देना।
  6. ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य बीमारियों एवं गैर-संचारी रोगों मघुमेह, रक्तचाप, स्ट्रोक, कैंसर की प्राथमिक लक्षणों की पहचान एवं समय से स्वास्थ्य केंद्र तक रेफरल में सहयोग।
  7. मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप जैसे गैर-संचारी रोगों के संबंध में जन-जागरूकता, जोखिम कारकों की जानकारी तथा स्क्रीनिंग/फॉलो-अप में सहयोग।
  8. ग्रामीण जनता को स्वच्छता, पोषण, स्वस्थ जीवनशैली एवं रोगों की रोकथाम के संबंध में जागरूक करना।
  9. प्राथमिक उपचार एवं आपातकालीन स्थिति में आवश्यक प्राथमिक सहायता प्रदान करने के संबंध में प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराना।
  10. टेलीमेडिसिन/टेली-कंसल्टेशन की सुविधा के माध्यम से ग्रामीण मरीजों को योग्य चिकित्सकों एवं उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में सहयोग करना।
  11. आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र/अस्पताल में रेफर करने में सहयोग करना।
  12. ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी भ्रांतियों को दूर करने एवं समय पर चिकित्सा परामर्श लेने के लिए जन-जागरूकता उत्पन्न करना।
  13. चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा संचालित National Programe for Non Communicable Disease कार्यक्रम तथा केन्द्र स्तर / राज्य स्तर के अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रम , योजनाओं की जानकारी ग्रामीण जनता तक पहुंचाने तथा पात्र लाभार्थियों को उपलब्ध सरकारी सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करने में सहयोग करना।
  14. घर-घर/सामुदायिक स्तर पर सर्वेक्षण करके प्रत्येक क्षेत्र में परिवारों की बेसिक स्वास्थ्य जानकारी का विवरण दर्ज करना। जैस-
  • नाम एवं आयु
  • मोबाइल नंबर
  • गांव/क्षेत्र
  • परिवार में मधुमेह का इतिहास
  • रक्तचाप का इतिहास
  • तंबाकू/गुटखा सेवन
  • धूम्रपान
  • शराब सेवन
  • मोटापा/अधिक वजन
  • शारीरिक निष्क्रियता
  • पूर्व हृदय रोग/स्ट्रोक का इतिहास
  • कैंसर का पारिवारिक इतिहास
  • वर्तमान दवाएं
  • मधुमेह की प्राथमिक स्क्रीनिंग
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मधुमेह की प्राथमिक पहचान

  • बार-बार पेशाब
  • अत्यधिक प्यास
  • अत्यधिक भूख
  • बिना कारण वजन कम होना
  • घाव देर से भरना
  • धुंधला दिखाई देना
स्क्रीनिंग में असामान्य परिणाम मिलने पर व्यक्ति को सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच/चिकित्सकीय मूल्यांकन के लिए भेजना ।
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उच्च रक्तचाप की प्राथमिक पहचान

  1. प्रशिक्षित कर्मी मानकीकृत तरीके से BP मापे।
  2. यदि BP लगातार ऊंचा पाया जाता है, तो व्यक्ति को नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय मूल्यांकन के लिए रेफर किया जाए।
  3. विशेष रूप से निम्न परिस्थितियों में तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता हो सकती है:
  4. बहुत अधिक BP के साथ तेज सिरदर्द
  5. सीने में दर्द
  6. सांस लेने में परेशानी
  7. कमजोरी/बेहोशी
  8. बोलने में परेशानी
  9. दृष्टि में अचानक परिवर्तन
महत्वपूर्ण: केवल एक BP रीडिंग के आधार पर उच्च रक्तचाप का अंतिम निदान नहीं किया जाना चाहिए।
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कैंसर की प्राथमिक स्क्रीनिंग/लक्षण पहचान

ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मी कैंसर का अंतिम निदान नहीं करेगा, बल्कि जोखिम एवं संदिग्ध लक्षणों की पहचान एंव जागरुकता करेगा।

मौखिक एंव अन्य कैंसर के लिए
विशेष ध्यान:
  1. तंबाकू/गुटखा सेवन
  2. मुंह में न भरने वाला घाव
  3. सफेद/लाल धब्बा
  4. मुंह खोलने में परेशानी
  5. लगातार दर्द
  6. असामान्य रक्तस्राव
  7. स्तन कैंसर के संदिग्ध संकेत
  8. स्तन में गांठ
  9. निप्पल से असामान्य स्राव
  10. त्वचा में असामान्य बदलाव
  11. निप्पल में नया परिवर्तन
  12. गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के संदिग्ध संकेत
  13. असामान्य योनि रक्तस्राव
  14. संभोग के बाद रक्तस्राव
  15. असामान्य योनि स्राव
संदिग्ध व्यक्ति को उचित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र/विशेषज्ञ सुविधा के लिए रेफर करना।