Program of Prevention

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प्रशिक्षित ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मी का कार्य-

  1. रक्तचाप नापना।
  2. वजन एवं लंबाई लेकर BMI की गणना में सहायता करना।
  3. उपलब्ध सुविधा/प्रोटोकॉल के अनुसार रक्त ग्लूकोज की स्क्रीनिंग करना।
  4. ग्रामीण लोगो को सुरक्षित प्राथंमिक उपचार उपलब्ध करानें में सहयोग।
  5. आपातकालीन स्थिति में प्रांरम्भिक life-saving सहायता देना।
  6. ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य बीमारियों एवं गैर-संचारी रोगों मघुमेह, रक्तचाप, स्ट्रोक, कैंसर की प्राथमिक लक्षणों की पहचान एवं समय से स्वास्थ्य केंद्र तक रेफरल में सहयोग।
  7. मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप जैसे गैर-संचारी रोगों के संबंध में जन-जागरूकता, जोखिम कारकों की जानकारी तथा स्क्रीनिंग/फॉलो-अप में सहयोग।
  8. ग्रामीण जनता को स्वच्छता, पोषण, स्वस्थ जीवनशैली एवं रोगों की रोकथाम के संबंध में जागरूक करना।
  9. प्राथमिक उपचार एवं आपातकालीन स्थिति में आवश्यक प्राथमिक सहायता प्रदान करने के संबंध में प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराना।
  10. टेलीमेडिसिन/टेली-कंसल्टेशन की सुविधा के माध्यम से ग्रामीण मरीजों को योग्य चिकित्सकों एवं उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में सहयोग करना।
  11. आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र/अस्पताल में रेफर करने में सहयोग करना।
  12. ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी भ्रांतियों को दूर करने एवं समय पर चिकित्सा परामर्श लेने के लिए जन-जागरूकता उत्पन्न करना।
  13. चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा संचालित National Programe for Non Communicable Disease कार्यक्रम तथा केन्द्र स्तर / राज्य स्तर के अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रम , योजनाओं की जानकारी ग्रामीण जनता तक पहुंचाने तथा पात्र लाभार्थियों को उपलब्ध सरकारी सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करने में सहयोग करना।
  14. घर-घर/सामुदायिक स्तर पर सर्वेक्षण करके प्रत्येक क्षेत्र में परिवारों की बेसिक स्वास्थ्य जानकारी का विवरण दर्ज करना। जैस-
  • नाम एवं आयु
  • मोबाइल नंबर
  • गांव/क्षेत्र
  • परिवार में मधुमेह का इतिहास
  • रक्तचाप का इतिहास
  • तंबाकू/गुटखा सेवन
  • धूम्रपान
  • शराब सेवन
  • मोटापा/अधिक वजन
  • शारीरिक निष्क्रियता
  • पूर्व हृदय रोग/स्ट्रोक का इतिहास
  • कैंसर का पारिवारिक इतिहास
  • वर्तमान दवाएं
  • मधुमेह की प्राथमिक स्क्रीनिंग
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मधुमेह की प्राथमिक पहचान

  • बार-बार पेशाब
  • अत्यधिक प्यास
  • अत्यधिक भूख
  • बिना कारण वजन कम होना
  • घाव देर से भरना
  • धुंधला दिखाई देना
स्क्रीनिंग में असामान्य परिणाम मिलने पर व्यक्ति को सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच/चिकित्सकीय मूल्यांकन के लिए भेजना ।
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उच्च रक्तचाप की प्राथमिक पहचान

  1. प्रशिक्षित कर्मी मानकीकृत तरीके से BP मापे।
  2. यदि BP लगातार ऊंचा पाया जाता है, तो व्यक्ति को नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय मूल्यांकन के लिए रेफर किया जाए।
  3. विशेष रूप से निम्न परिस्थितियों में तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता हो सकती है:
  4. बहुत अधिक BP के साथ तेज सिरदर्द
  5. सीने में दर्द
  6. सांस लेने में परेशानी
  7. कमजोरी/बेहोशी
  8. बोलने में परेशानी
  9. दृष्टि में अचानक परिवर्तन
महत्वपूर्ण: केवल एक BP रीडिंग के आधार पर उच्च रक्तचाप का अंतिम निदान नहीं किया जाना चाहिए।
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कैंसर की प्राथमिक स्क्रीनिंग/लक्षण पहचान

ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मी कैंसर का अंतिम निदान नहीं करेगा, बल्कि जोखिम एवं संदिग्ध लक्षणों की पहचान एंव जागरुकता करेगा।

मौखिक एंव अन्य कैंसर के लिए
विशेष ध्यान:
  1. तंबाकू/गुटखा सेवन
  2. मुंह में न भरने वाला घाव
  3. सफेद/लाल धब्बा
  4. मुंह खोलने में परेशानी
  5. लगातार दर्द
  6. असामान्य रक्तस्राव
  7. स्तन कैंसर के संदिग्ध संकेत
  8. स्तन में गांठ
  9. निप्पल से असामान्य स्राव
  10. त्वचा में असामान्य बदलाव
  11. निप्पल में नया परिवर्तन
  12. गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के संदिग्ध संकेत
  13. असामान्य योनि रक्तस्राव
  14. संभोग के बाद रक्तस्राव
  15. असामान्य योनि स्राव
संदिग्ध व्यक्ति को उचित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र/विशेषज्ञ सुविधा के लिए रेफर करना।
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स्ट्रोक की प्राथमिक पहचान

स्ट्रोक में समय अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मी एवं परिवारों को FAST के बारे में प्रशिक्षित करना
F Face: चेहरे का एक तरफ झुकना
A Arm: एक हाथ/पैर में अचानक कमजोरी
S Speech: बोलने में अचानक परेशानी
T Time: तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।
अचानक से दृष्टि में कमी, चलने में परेशानी, संतुलन बिगड़ना, तेज असामान्य सिरदर्द हो तो इसे आपात स्थिति मानकर तत्काल अस्पताल भेजने की व्यवस्था करना।
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रेफरल व्यवस्था

संस्थान प्रत्येक क्षेत्र के लिए एक Referral Network तैयार करेगा:
ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मी/चिकित्सक सहायक
↓
नजदीकी उप-स्वास्थ्य केंद्र/Health & Wellness Centre (अरोग्य केन्द्र)
↓
Primary Health Centre (PHC)
↓
Community Health Centre (CHC)
↓
जिला अस्पताल/उच्च चिकित्सा केंद्र
रोग की गंभीरता के अनुसार सीधे उच्च केंद्र पर रेफर किया जायेगा।
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Referral Slip

प्रत्येक संदिग्ध रोगी को संस्थान की ओर से Referral Form दिया जायेगा।
इसमें:
  1. रोगी का नाम
  2. आयु/लिंग
  3. गांव
  4. मोबाइल नंबर
  5. स्क्रीनिंग की तारीख
  6. BP
  7. रक्त ग्लूकोज
  8. वजन/BMI
  9. कैंसर संबंधी संदिग्ध लक्षण
  10. स्ट्रोक के लक्षण
  11. किए गए परीक्षण
  12. रेफरल का कारण
  13. भेजे गए स्वास्थ्य केंद्र का नाम
  14. ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मी का नाम/ID
शामिल करना ।
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रोगी का Follow-up

रेफरल के बाद कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण गतिविधियों में से एक Follow-up Tracking होगी।
  1. Follow-up Register
  2. विवरण  जानकारी
  3. रोगी का नाम
  4. रोग
  5. स्क्रीनिंग तारीख
  6. रेफर किया गया केंद्र
  7. डॉक्टर से परामर्श हुआ   हां/नहीं
  8. जांच हुई
  9. उपचार शुरू
  10. अगली जांच
  11. Follow-up तारीख
  12. वर्तमान स्थिति
इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि रेफर किया गया व्यक्ति वास्तव में स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचा या नहीं।
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जीवनशैली एवं रोकथाम अभियान

ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मी द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में आम-जन को नियमित स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करके प्रमुख संदेश देना जैसे-
  1. तंबाकू छोड़ें
  2. नियमित शारीरिक गतिविधि करें
  3. नमक एवं अस्वास्थ्यकर भोजन कम करें
  4. फल एवं सब्जियों का सेवन बढ़ाएं
  5. वजन नियंत्रित रखें
  6. नियमित BP एवं रक्त शर्करा जांच कराएं
  7. शराब से बचें/सेवन न करें
  8. कैंसर के चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज न करें।
  9. योग, ध्यान, व्यायाम करें।
  10. स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आंम-जन को दिलाने में सहयोग करना एंव जागरुकता फैलाना।
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मासिक ग्रामीण स्वास्थ्य शिविर

प्रत्येक ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मी अपने क्षेत्र में संस्थान के निर्देशन में मासिक NCD Health Camp आयोजित करेंगे।
ग्रामीण स्वास्थ्य शिविर में स्वास्थ्य कर्मी द्वारा किये जाने वाले प्रमुख कार्य-
  1. BP Screening
  2. Diabetes Risk Screening
  3. Blood Glucose Screening, उपलब्ध सुविध/प्रोटोकॉल के अनुसार
  4. BMI/Obesity Assessment
  5. Tobacco-use Assessment
  6. Oral cancer symptom screening (Awareness)
  7. Stroke awareness
  8. Health counselling
  9. Referral
  10. Follow-up registration
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डिजिटल/टेलीमेडिसिन सुविधा

ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मी/चिकित्सक सहायक
Patient Screening → Digital Record → Teleconsultation → Doctor's Advice → Referral → Follow-
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प्रशिक्षण कार्यक्रम

संस्थान द्वारा ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मी/चिकित्सक सहायक के लिए प्रशिक्षण में निम्न विषय रखे जायेंगे:
Module 1
NCD (Non Communicable Disease) की मूल जानकारी
Module 2
मधुमेह की पहचान एवं रोकथाम
Module 3
BP मापने की सही तकनीक एवं hypertension risk screening
Module 4
कैंसर के warning signs एवं प्राथमिक screening
Module 5
Stroke – FAST एवं emergency referral
Module 6
BMI, obesity एवं lifestyle counselling
Module 7
तंबाकू नियंत्रण एवं counselling
Module 8
Referral system
Module 9
Telemedicine/Teleconsultation की भूमिका
Module 10
Patient record एवं follow-up
Module 11
Infection prevention and control
Module 12
Emergency recognition एवं first aid
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संस्थान की भूमिका

संस्थान द्वारा संचालित Program for Prevention and Control of Diseases Rural Areas in India के अन्तर्गत “ Rural NCD Screening, Referral & Follow-up by Trained Rural Health Worker” कार्यक्रम के द्वारा संस्थान निम्न सहयोग करेगा।
  1. ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण कराएगा।
  2. प्रशिक्षण सामग्री एवं SOP उपलब्ध कराएगा।
  3. Screening एवं referral forms उपलब्ध कराएगा।
  4. ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाएगा।
  5. सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की referral directory तैयार करेगा।
  6. स्क्रीनिंग एवं referral का रिकॉर्ड रखेगा।
  7. Follow-up व्यवस्था विकसित करेगा।
  8. समय-समय पर supervisory visits करेगा।
  9. स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेगा।
  10. कार्यक्रम की प्रगति की रिपोर्ट तैयार करेगा।
  11. उ0प्र0 सरकार/भारत सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रम का लाभ आम-जन तक पहुँचानें में सहयोग करना।
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कार्यक्रम का मुख्य मॉडल

घर-घर जागरूकता
↓
जोखिम की पहचान
↓
प्राथमिक स्क्रीनिंग
↓
संदिग्ध रोगी की पहचान
↓
Referral
↓
अरोग्य उपकेन्द्र
↓
PHC/CHC/District Hospital
↓
चिकित्सकीय जांच एवं उपचार
↓
संस्थान द्वारा Follow-up Support
↓
नियमित निगरानी एवं जीवनशैली में सुधार (संतुलित आहार, योगा, व्यायाम द्वारा आम-जन की जीवनशैली में बदलाव )
संस्थान द्वारा सचांलित Program for Prevention and Control of Diseases Rural Areas in India के अन्तर्गत “ Rural NCD Screening, Referral & Follow-up by Trained Rural Health Worker” कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का विकल्प बनना नही है, बल्कि चिकित्सा स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण विभाग उ0प्र0 द्वारा संचालित National Programme for Non Communicable Disease (NPNCD) में निःशुल्क सहयोग कर  ग्रामीण क्षेत्र में निवास कर रहे आम लोगों को संस्थान के स्वास्थ्य कर्मी के सहयोग से लाभ दिलाना एंव ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा को बेहतर कर राष्ट्रीय स्वास्थ्य समस्या को कम करना है।
“आईयें हम सब मिलकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य समस्या को कम कर विकसित राष्ट्र के निर्माण में सहभागी बने।“