Diabetes

मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु उपकेन्द्र का कार्य एवं महत्व

आज के समय में मधुमेह (Diabetes) और उच्च रक्तचाप (Blood Pressure) भारत में तेजी से बढ़ती हुई गैर-संचारी बीमारियाँ हैं। पहले इन्हें शहरी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ माना जाता था, लेकिन वर्तमान में ये रोग ग्रामीण क्षेत्रों में भी गंभीर रूप से फैल रहे हैं। बदलती जीवनशैली, असंतुलित आहार, शारीरिक श्रम की कमी, तंबाकू एवं शराब का सेवन इनके मुख्य कारण हैं। ऐसे में ग्रामीण मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप नियन्त्रण उपकेन्द्र इन रोगों की रोकथाम और नियंत्रण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले अधिकांश लोग नियमित स्वास्थ्य जाँच नहीं कराते। मधुमेह और उच्च रक्तचाप के लक्षण प्रारंभिक अवस्था में स्पष्ट नहीं होते, जिसके कारण रोग का पता तब चलता है जब स्थिति गंभीर हो जाती है। ग्रामीण मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप नियन्त्रण उपकेन्द्रों पर नियमित रक्तचाप एवं रक्त शर्करा की जाँच द्वारा रोग की शीघ्र पहचान संभव हो पाती है। समय रहते पहचान होने पर मरीज को उचित परामर्श और उपचार दिया जा सकता है, जिससे रोग की गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है।

जटिलताएं

यदि मधुमेह और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित न किया जाए तो यह हृदयाघात, मस्तिष्काघात (स्ट्रोक), किडनी फेल, आंखों की रोशनी कम होना तथा पैरों में घाव जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बनते हैं। ग्रामीण मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप नियन्त्रण उपकेन्द्रों पर नियमित निगरानी, दवा पालन तथा फॉलो-अप से इन जटिलताओं की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है।

उपकेन्द्र का महत्व

ग्रामीण मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप नियन्त्रण उपकेन्द्र ग्रामीण जनता के लिए सबसे नजदीकी और सुलभ स्वास्थ्य इकाई है। यहाँ गरीब, बुजुर्ग और अशिक्षित लोग भी आसानी से स्वास्थ्य सेवाएँ प्राप्त कर सकते हैं। मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी आजीवन चलने वाली बीमारियों में नियमित परामर्श और जीवनशैली सुधार अत्यंत आवश्यक होता है, जो ग्रामीण मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप नियन्त्रण उपकेन्द्रों के माध्यम से संभव है।

इसके अतिरिक्त, ग्रामीण मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप नियन्त्रण उपकेन्द्र स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, नमक व चीनी के सीमित उपयोग तथा तंबाकू-शराब से दूरी जैसी आदतों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाता है। इससे बीमारी की रोकथाम प्राथमिक स्तर पर ही संभव हो जाती है।

सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों जैसे आयुष्मान भारत और गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन में भी ग्रामीण मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप नियन्त्रण उपकेन्द्र रीढ़ की हड्डी के समान हैं। गंभीर रोगियों को समय पर उच्च स्वास्थ्य केंद्रों पर रेफर कर जीवन रक्षा की जा सकती है।

मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप की रोकथाम और नियंत्रण के लिए ग्रामीण मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप नियन्त्रण उपकेन्द्र अत्यंत आवश्यक हैं। ये न केवल बीमारी की शीघ्र पहचान करते हैं, बल्कि ग्रामीण समाज को स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

नियमित BP एवं शुगर जाँच से रोग की शीघ्र पहचान संभव होती है और समय रहते उपचार किया जा सकता है।

ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मी का उपकेन्द्र पर कार्य

  1. जनसंख्या आधारित स्क्रीनिंग (Screening) 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों की नियमित BP जाँच
  2. नियमित रूप से Random Blood Sugar / Fasting Sugar जाँच
  3. बीमारी का प्राथमिक स्तर पर पहचान कर उचित खानपान एवं जीवन शैली के बारे में परामर्श देना
  4. पंजीकरण एवं रिकॉर्ड रखना
  5. पहचाने गए मरीजों का में पंजीकरण करना
  6. नियमित जाँच एवं फॉलो-अप
  7. दवा लेने की नियमितता जाँचना
  8. दुष्प्रभावों (Side effects) पर नज़र
  9. टेली चिकित्सक द्वारा दिये गये परामर्श के अनुसार दवा उपलब्ध कराना
  10. दवा की मात्रा व समय समझाना
  11. दवा खत्म होने से पहले पुनः उपलब्धता सुनिश्चित करना
  12. जीवनशैली एवं आहार परामर्श (Lifestyle and food Counselling)
  13. स्वास्थ्य शिक्षा एवं जागरूकता
  14. गाँव स्तर पर बैठकें
  15. Diabetes/BP के लक्षण, खतरे व बचाव की जानकारी
  16. रेफरल सेवा (Referral Services)
  17. रेफरल के बाद फॉलो-अप
  18. घरेलू भ्रमण (Home Visit)
  19. राष्ट्रीय कार्यक्रम से समन्वय

ग्रामीण मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप नियन्त्रण उपकेन्द्र के लाभ

  1. उप केंद्र पर स्क्रीनिंग से रोग की पहचान प्रारंभिक समय पर होने में सहायता मिलती है
  2. ग्रामीण मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप नियन्त्रण उपकेन्द्र गावं में सबसे नजदीक होता है जो कि ग्रामीण स्वास्थ्य की पहली कड़ी होती है
  3. ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पतालों ये स्वास्थ्य केन्द्रों में मरीज अक्सर तभी आते हैं जब उनकी हालत गंभीर हो जाती है
  4. ग्रामीण मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप नियन्त्रण उपकेन्द्र पर नियमित रक्त चाप/ सुगर की जाँच से होने वाली जटिलताओं को रोका जा सकता है
  5. ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब बुजुर्ग एवं महिलाओं के लिए दूर स्तिथ स्वास्थ्य केन्द्रों में जाना मुश्किल होता है
  6. ग्रामीण मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप नियन्त्रण उपकेन्द्र सबसे सस्ती और प्रभावी रणनीति
  7. ग्रामीण मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप नियन्त्रण उपकेन्द्र पर दिया गया जीवन शैली एवं खानपान सम्बन्धित परामर्श एवं जागरूकता मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप के नियंत्रण के लिए प्रभावी होता है
  8. अस्पताल में भर्ती एवं महंगी दवाइयां एवं यात्रा खर्च से बचाव
  9. ग्रामीण मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप नियन्त्रण उपकेन्द्र घर के नजदीक एवं गाँव में होने से लोगों का इलाज से जुडाव बढ़ता है l

रिपोर्टिंग एवं मानिटरिंग

  1. संस्थान को उपकेन्द्र पर किये गए कार्य का रिपोर्ट साप्ताहिक करना होगा
  2. अपने क्षेत्र में मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप के रोकथाम एवं बचाव के लिए मरीजों को दिए गए परामर्श जैसे जीवन शैली एवं खानपान में बदलाव एवं प्राथमिक इलाज ( टेली चिकित्सक के परामर्श के अनुसार) को बेहतर बनाने हेतु सुझाव एवं विचार देना
  3. मासिक त्रिमासिक अर्धवार्षिक ऑनलाइन ऑफलाइन मीटिंग सेमिवेबिनार में भाग लेकर उपकेंद्रों आने मरीजों की समस्या एवं निदान के बारे चर्चा करना

ग्रामीण मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप नियन्त्रण उपकेन्द्र पर आवश्यक उपकरणों की सूची

जाँच व मापन उपकरण (Screening & Monitoring):
  • डिजिटल BP मशीन (Adult cuff सहित)
  • मैनुअल BP मशीन (Stethoscope सहित)
  • ग्लूकोमीटर
  • ग्लूकोमीटर स्ट्रिप्स
  • लैंसेट / सुई
  • स्पिरिट स्वैब / अल्कोहल पैड
  • वजन मापने की मशीन
  • ऊँचाई मापक (Height scale / Stadiometer)
  • BMI चार्ट,कमर मापने की फीता (Measuring Tape)
  • थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर
  • बेसिक लैब / जाँच सामग्री
  • Urine Sugar Test Strip,Urine Protein Strip
  • HbA1c टेस्ट किट (यदि उपलब्ध हो)
  • Disposable Gloves
  • Bio-medical Waste बॉक्स / सुई नष्ट करने का डिब्बा
रिकॉर्ड व दस्तावेज़ सामग्री:
  • रोगी पंजीकरण रजिस्टर
  • BP & Sugar Follow-up कार्ड
  • Referral Slip / Referral Register
  • Consent Form
  • Monthly Report Format
  • स्वास्थ्य शिक्षा व जागरूकता सामग्री (IEC)
  • Diabetes & BP चार्ट / पोस्टर
  • आहार चार्ट (Low salt, Low sugar diet)
  • व्यायाम चार्ट
  • तंबाकू-मदिरा त्याग पोस्टर
  • पुस्तिकाएँ / लीफलेट
फर्नीचर व सामान्य सुविधाएँ
  • Examination Table
  • कुर्सी-मेज (डॉक्टर/स्वास्थ्यकर्मी हेतु)
  • प्रतीक्षा हेतु कुर्सियाँ
  • अलमारी
  • Hand-washing Facility
  • Drinking Water
  • बिजली / बैक-अप (इन्वर्टर यदि संभव हो)
  • आपात व सुरक्षा सामग्री
  • First Aid Box,ORS पैकेट,Glucose पाउडर
  • Emergency Contact List
निष्कर्ष

इन उपकरणों से Sub-Centre पर प्रारंभिक जांच, नियमित निगरानी, दवा प्रबन्धन (टेली चिकित्सक के परामर्श के अनुसार), रेफरल प्रभावी रूप से किया जा सकता है।