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आज हमारे देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती नागरिकों की स्वास्थ्य सम्बन्धित समस्याएं प्रमुख रुप से संचारी रोग/गैर संचारी रोग है। जिसके लिए केन्द्र सरकार/ राज्य सरकार निरन्तर प्रयास कर रही है कि किस प्रकार वह नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करे, जिसके लिए केन्द्र सरकार/ राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रुप से मिलकर विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रम चलायें जा रहें है। जिसमें प्रमुख रुप से भारत सरकार द्वारा वर्ष 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (N.H.M) योजना प्रारम्भ की गयी जिसका प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण गरीबों, महिलाओं, बच्चों तथा समाज के कमजोर वर्गों के लिए सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करना है, जो मातृ एवं शिशु मृत्यु दर घटाने, संचारी/गैर-संचारी रोगों से लड़ने और स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने पर केंद्रित है) वर्ष 2013 में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (N.U.H.M) योजना को एकीकृत कर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (N.H.M) योजना प्रारम्भ कर देश के ग्रामीण एंव शहरी क्षेत्रों में निवास कर रहे आम लोगो को स्वास्थ्य कल्याण हेतु विभिन्न कार्यक्रम जैसे-मातृ एंव शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम, परिवार नियोजन, संचारी रोग-गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम, ई-संजीवनी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना आदि लाभकारी स्वास्थ्य कार्यक्रम एंव स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा (National Programme, for Prevention and control of Non Communicable Disease) का कार्यक्रम जिसके अन्तर्गत गैर संचारी प्रमुख रोग-कैंसर, मधुमेह, ह्रदय रोग, और स्ट्रोक की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम (एन.पी.सी.डी.सी.एस) 2010 में शुरु किया गया था, जिसमें बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, मानव संसाधन विकास, स्वास्थ्य संवर्धन, शीघ्र निदान, प्रबन्धन और रेफरल पर ध्यान केन्द्रित किया गया था।
भारत सरकार द्वारा देश के ग्रामीण/दुर्गम क्षेत्रों में निवास कर रहे आम लोगो को इलाज कराने हेतु पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी (R.M.P) एंव उपलब्ध संसाधन आबादी/जरुरतमंद के हिसाब से कम होने के कारण होने वाली कठिनाइयों, संचारी रोग एंव गैर संचारी रोगों का प्राथमिक स्तर पर नियंत्रण एंव शहरी चिकित्सालयों में बढ़ती भीड़ से उत्पन्न समस्याओं को कम करने एंव पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी (R.M.P) को सम्पूर्ण भारत में टेलीमेडिसिन (दूर चिकित्सा पद्ति) के माध्यम से इलाज करने हेतु Indian Medical Council Act 1956 अधिनियम का इस्तेमाल करते हुए 25 मार्च 2020 को भारत का राजपत्र (The Gazette of India) CG-DL-E-14052020-219374 में जारी किया गया, एंव ऱाष्ट्रीय आर्युविज्ञान आयोग (National Medical Commission) N.M.C द्वारा 23 मई 2022 को पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी (R.M.P) को टेलीमेडिसिन प्रैक्टिस गाइडलाइन की पब्लिक नोटिस जारी की गयी तथा भारत सरकार द्वारा “भारत का राजपत्र (The Gazette of India) CG-DL-E-09082023-247951” राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग अधिसूचना नयी दिल्ली, 2 अगस्त 2023 राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग पंजीकृत मेडिकल प्रैकटिशनर (पेशेवर आचरण) विनियम, 2023 जारी कर (i) Patient and RMP (ii) Care Giver and RMP (iii) Patient and RMP through Health Worker at a sub center or peripheral Center (iv) RMP and another RMP/Specialist इस रुपरेखा (Framework) के अनुसार आडियों काल, विडियो काल एंव टैक्स्ट मैसेज के माध्यम से पूरे देश में टेलीमेडिसिन के माध्यम से इलाज करने हेतु करने हेतु पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी (RMP) को दिशा निर्देश जारी किया गया तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ई-संजीवनी कार्यक्रम को देश के ग्रामीण, पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्र में निवास कर रहे जरूरतमंद को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच प्रदान करने के लिए लांच किया गया जो रोगियों चिकित्सकों, स्वास्थ्य देखभाल कर्ता, संस्थानों और अन्य हित धारकों को जोड़ता है, तथा चिकित्सकों और रोगियों के बीच दूरस्थ परामर्श के साथ-साथ चिकित्सा जानकारी और दस्तावेजों के डिजिटल आदान-प्रदान और स्वास्थ्य सेवओं को वास्तविक समय की निगरानी की अनुमति देता है।
संस्थान देश की राष्ट्रीय स्वास्थ्य समस्या को मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र में कम करने एवं भारत सरकार द्वारा चलाये जा रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों का लाभ आम जन तक पहुँचाने हेतु “National Rural Programme for Prevention and Control of Disease” कार्यक्रम के अन्तर्गत देश के ग्रामीण क्षेत्र में संचारी रोग-मलेरिया, टायफायड, डायरिया, डिसेन्ट्री, हैजा, निमोनिया, टी.बी. चेचक, डेंगू, चिकनगुनिया, खसरा, इन्फ्लुएन्जा, सर्दी-जुकाम, फोड़ा-फुन्सी, एंव यौन संचारी रोग आदि एवं गैर संचारी रोग-मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, थायराइड, हद्यरोग, स्ट्रोक, कैंसर, दुर्घटना, सड़क दुर्घटना या किन्ही कारणों से चोट लगने पर, लू लगना, ठण्ड लगना, सर्पदंश, जहर विषाक्ता, पानी में डूबना, आदि बीमारियों/समस्याओं के रोकथाम व बचाव नियंत्रण उपचार (स्वास्थ कार्यकर्ता/केयर गिवर के सहयोग से टेली डॉक्टर द्वारा) परिवार नियोजन, टीकाकरण, पोषण सम्बन्धी समस्याएँ, जनसँख्या विस्फोट, पर्यावरण प्रदूषण सम्बन्धी समस्याएं, एवं चिकित्सा देखभाल सम्बन्धी समस्याओं को कम करने हेतु संस्थान टेलीमेडिसिन प्रैक्टिस गाइड लाइन 2020 एवं राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग पंजीकृत मेडिकल प्रैकटिशनर (पेशेवर आचरण) विनियम, 2023 के अनुसार “Consultation Between, Health Workers and RMP” (Patient to RMP through Health Worker at a Sub center or peripheral Center (Health worker could be a Nurse, Allied Health Professional, Mid-Level Health Practitioner, ANM or any other health worker designated by an appropriate authority). Health & Wellness sub center एवं “Consultation between patient and RMP through a caregiver” (For the purpose of these guideline as caregiver could be a family member, or any person authorized by the patient or law to represent them.) संस्थान टेली चिकित्सक द्वारा स्वास्थ्यकर्मी/केयरगिवर के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्र में जरूरतमन्द/रोगियों के इलाज हेतु इच्छुक लोगों को विशेष प्रशिक्षण देकर ग्रामीण/पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्र में निवास कर रहे जरूरतमंद/रोगी को गुणवत्तायुक्त तीव्रतर इलाज प्राप्ति में एक इष्टतम समाधान एवं यात्रा से सम्बंधित वित्तीय लागत को कम करने एवं परिवार और देखभाल करने वाले व्यक्तियों तथा सामाजिक कारकों से होने वाली असुविधा को कम करने एवं रक्तचाप, रक्त शर्करा प्रबंधन एवं अन्य मरीज को जहाँ मरीज को भौतिक रूप से पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी से मिलने की आवश्यकता नहीं है, अर्थात नियमित, नैतिक जांच या निरंतर मॉनिटरिंग के लिए अस्पतालों पर पड़ने वाला भार को कम करने एवं ऐसे चिकित्सा व्यवसायों को तीव्र पहुँच उपलब्ध कराने जो संभवतः व्यक्तिगत रूप से तत्काल उपलब्ध नहीं हो सकता सभी को उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल की समान पहुँच उपलब्ध कराने एवं स्वास्थ्य प्रणाली में टेलीमेडिसिन के मुख्य धारा में लाना, पहुँच के प्रति असमानता और अवरोधों को न्यूनतम करना, भारत की डिजिटल स्वास्थ्य नीति स्वास्थ्य, सुरक्षा, प्रणाली की दक्षता और परिणाम में सुधार करने के लिए डिजिटल साधनों के उपयोग, के साथ ग्रामीण क्षेत्र में अचानक से बीमार अथवा दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देकर उसकी प्राण रक्षा करना, शारीरिक तकलीफों एवं क्षतियों को कम करने एवं संचारी/गैर संचारी रोग की रोकथाम, बचाव, नियंत्रण एवं पहचान तथा टेली चिकित्सक द्वारा स्वास्थ्यकर्ता के सहयोग से स्वास्थ्य एवं कल्याण उपकेन्द्र पर उपचार तथा प्रशिक्षित केयर गिवर के सहयोग से मुख्य रूप से गैर संचारी रोग मधुमेह एवं रक्तचाप की समस्या के नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु उपकेंद्रों के माध्यम से कार्य करते हैं। जिससे देश के ग्रामीण क्षेत्र में निवास कर रहे आम लोगों को स्वास्थ्यकर्मी/केयर गिवर के सहयोग से पंजीकृत चिकित्सक द्वारा किये जाने वाले इलाज का लाभ मिल सके, जिससे देश में ग्रामीण क्षेत्र में, गुणवत्तायुक्त तीव्रतम बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध हो ताकि देश के ग्रामीण क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वास्थ समस्या को कम किया जा सके।